Sakshiyoga

आपकी भावनाएं

 

सभी गतिविधियां, भावनाएं और प्रवृत्तियाँ ये चार मुख्य उद्देश्यों के चारों ओर घूमती हैं: पोषण, रक्षण, प्रजोत्पत्ति और विश्राम।

सभी जीवित प्राणियों को आहार की ज़रूरत है।

सभी जीवित प्राणियों में जिजीविषा होती है।

सभी जीवित प्राणियों प्रजोत्पत्ति करते हैं।

सभी जीवित प्राणियों अपनी गतिविधियों द्वारा उत्पन्न विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने के लिए आराम करते हैं।

क्रोध, प्रेम, घृणा, विश्वास, चिंता, भय, खुशी, दुःख आदि सभी भावनाओं और भोजन, नींद, संभोग जैसी सभी प्रवृत्तियाँ ये चार सामान्य उद्देश्यों को केंद्र में रखते उनकी इर्दगिर्द घूमती रहती हैं।

यह जीवन  है।

आपकी भावनाएँ और गतिविधियां इस जीवन को एक लोलक की तरह एक ध्रुव से दूसरे विरोधी ध्रुव पर झुलाते रहतें हैं।

जीवन में स्थितप्रज्ञ होने के लिए

अपने सत्य स्वरुप में स्थिर रहें और साक्षात्कार करें।

 

स्वयंता ही साक्षात्कार